नकली डिलीवरी SMS: लिंक वाला कूरियर मैसेज तुरंत पहचानिए
StoryCheck टीम · 6 मिनट पढ़ें · प्रकाशित 6 अगस्त 2026
यह फ़्रॉड इसलिए चलता है क्योंकि घर में लगभग हमेशा किसी न किसी का कोई ऑर्डर रास्ते में होता है। एक SMS आता है, कथित तौर पर India Post, Blue Dart, Delhivery या किसी और कूरियर से: डिलीवरी नहीं हो पाई, पता अधूरा है, पैकेज कस्टम में रुका है, थोड़ी सी ड्यूटी भर दीजिए। साथ में एक लिंक। लिंक या तो फ़िशिंग पेज पर ले जाता है जहां कार्ड और OTP मांगे जाते हैं, या Android फ़ोन पर एक APK इंस्टॉल करवा देता है। भेजने वाले नंबर को रिवर्स खोज से जांचा जा सकता है, लेकिन असली नियम इतना ही है: कोई भी कूरियर SMS के लिंक से पैसे नहीं लेता।
पहचान के पांच निशान
- SMS में पैसे की मांग: असली कूरियर कस्टम ड्यूटी या शुल्क अपनी ऐप, वेबसाइट या डिलीवरी के समय लेते हैं, कभी SMS लिंक से नहीं।
- लिंक कंपनी की असली वेबसाइट पर नहीं जाता, बल्कि छोटी की गई URL या "indiapost-parcel-fee.xyz" जैसी डोमेन पर।
- भेजने वाला कोई आम 10 अंकों का मोबाइल नंबर या विदेशी नंबर है, जबकि असली कंपनियां छह अक्षरों वाले सेंडर आईडी से भेजती हैं।
- जल्दबाज़ी: "24 घंटे में भुगतान न होने पर पैकेज वापस भेज दिया जाएगा"।
- आपने कोई ऑर्डर किया ही नहीं, या बताया गया ट्रैकिंग नंबर कंपनी की असली ऐप में मौजूद ही नहीं है।
सही प्रतिक्रिया
- 1
लिंक मत खोलिए
उत्सुकता में भी नहीं। Android पर ऐसे लिंक के पीछे अक्सर APK इंस्टॉलेशन होता है, जो आपके SMS पढ़कर OTP चुराता है और आपके कॉन्टैक्ट्स को वही मैसेज आगे भेज देता है।
- 2
ट्रैकिंग आधिकारिक जगह से देखिए
कूरियर की अपनी ऐप या वेबसाइट ख़ुद खोलिए और ट्रैकिंग नंबर वहां डालिए। अगर वह मौजूद ही नहीं है तो बात साफ़ है।
- 3
रिपोर्ट कीजिए और मिटा दीजिए
नंबर ब्लॉक कीजिए, मैसेज संचार साथी के चक्षु विकल्प में रिपोर्ट कीजिए, फिर मिटा दीजिए। जवाब मत दीजिए, "STOP" लिखकर भी नहीं।
लिंक खोलकर जानकारी भर दी है? तुरंत बैंक को कॉल करके कार्ड ब्लॉक कराइए, नेट बैंकिंग और UPI PIN बदलिए, 1930 पर शिकायत दर्ज कीजिए और cybercrime.gov.in पर पूरी जानकारी भरिए। अगर कोई ऐप इंस्टॉल हो गई है तो फ़ोन को तुरंत फ़्लाइट मोड में डालिए, वह ऐप हटाइए और किसी जानकार से फ़ोन साफ़ करवाइए।
यह फ़्रॉड ख़त्म क्यों नहीं होता
भेजने की लागत ठगों के लिए लगभग शून्य है और सफलता की दर अच्छी, क्योंकि डिलीवरी वाले मैसेज रोज़मर्रा की चीज़ हैं। नंबर हर दिन बदलते रहते हैं, इसलिए सबसे मज़बूत बचाव किसी ब्लॉक लिस्ट में नहीं बल्कि एक आदत में है: डिलीवरी की स्थिति हमेशा कंपनी की अपनी ऐप में देखिए, कभी SMS के लिंक से नहीं। जिसने यह एक आदत बना ली, वह इस पूरे परिवार के हर नए रूप से बचा रहेगा। इसी तरह के फ़ोन कॉल पहचानने के लिए क्या यह नंबर फ़्रॉड है पढ़िए।
| कहाँ देखें | असली | नक़ली |
|---|---|---|
| लिंक | कूरियर कंपनी का अपना डोमेन | छोटा किया हुआ लिंक या मिलती-जुलती स्पेलिंग |
| आपसे क्या माँगा जा रहा है | बस दोबारा डिलीवरी का समय | ऐप डाउनलोड या कार्ड की जानकारी |
| भेजने वाला | कंपनी की रजिस्टर्ड सेंडर आईडी | किसी का निजी मोबाइल नंबर |
| पैसे की माँग | आम तौर पर नहीं | कस्टम ड्यूटी के नाम पर छोटी रक़म |
| संदेश का ढंग | ट्रैकिंग नंबर लिखा होता है | कौन सा पार्सल है, यह साफ़ नहीं |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कूरियर कंपनियां SMS से पैसे मांगती हैं?
नहीं। कस्टम ड्यूटी और दूसरे शुल्क कंपनी की अपनी ऐप, वेबसाइट या डिलीवरी के समय लिए जाते हैं। SMS के लिंक से भुगतान मांगने वाला हर मैसेज फ़्रॉड है।
मैंने लिंक खोल लिया, अब क्या करूं?
सिर्फ़ खोला और कुछ भरा नहीं तो आमतौर पर नुक़सान नहीं होता, बस कुछ इंस्टॉल मत कीजिए। जानकारी भर दी है तो बैंक को कॉल कीजिए, कार्ड ब्लॉक कराइए, PIN और पासवर्ड बदलिए और 1930 पर शिकायत दर्ज कीजिए। ऐप इंस्टॉल हो गई है तो फ़्लाइट मोड चालू करके फ़ोन साफ़ करवाइए।
ठगों के पास मेरा नंबर कहां से आया?
आमतौर पर डेटा लीक से या ऐसे सॉफ़्टवेयर से जो पूरे नंबर ब्लॉक को थोक में मैसेज भेजता है। ऐसे SMS का मतलब यह नहीं कि किसी ने ख़ास आपको चुना है, और यह तो बिल्कुल नहीं कि कोई असली पैकेज मौजूद है।
मिलते-जुलते गाइड
पता लगाइए कि नंबर के पीछे असल में कौन है
एक निजी जांच में लगभग 60 सेकंड लगते हैं। जिस व्यक्ति का नंबर आप जांच रहे हैं, उसे कोई सूचना नहीं जाती।
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